जब अफसर खुद बने मिसाल : साइकिल से दफ्तर पहुंचे बंशीधर तिवारी

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सूचना महानिदेशक ने खुद से की “नो व्हीकल डे” की शुरुआत

देहरादून।  सिर्फ आदेश जारी करना आसान होता है, लेकिन खुद उस रास्ते पर चलकर उदाहरण पेश करना अलग बात है। उत्तराखंड शासन में अपर सचिव मुख्यमंत्री, महानिदेशक सूचना और एमडीडीए उपाध्यक्ष जैसे अहम दायित्व निभा रहे बंशीधर तिवारी ने आज वही कर दिखाया, जिसकी अपील वे लगातार अधिकारियों और कर्मचारियों से कर रहे हैं।

शनिवार को बंशीधर तिवारी सहस्त्रधारा रोड स्थित अपने आवास से रिंग रोड स्थित सूचना निदेशालय तक साइकिल से पहुंचे। यह सिर्फ दफ्तर पहुंचने का तरीका नहीं था, बल्कि ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जिम्मेदार प्रशासन का एक मजबूत संदेश भी था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऊर्जा बचत आह्वान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में सूचना विभाग में प्रत्येक शनिवार “नो व्हीकल डे” मनाने का निर्णय लिया गया है।

सूचना महानिदेश बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग और साइकिल जैसे विकल्प अपनाने की अपील की है। एमडीडीए में भी उनके नेतृत्व में “तेल बचाओ मुहिम” शुरू की गई है, जिसके तहत ईंधन बचत, सीमित बिजली उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इस पहल को केवल बैठकों और फाइलों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि खुद साइकिल चलाकर यह साबित किया कि बदलाव की शुरुआत हमेशा खुद से होती है।

देहरादून जैसे तेजी से बढ़ते शहर में, जहां ट्रैफिक और प्रदूषण बड़ी चुनौती बन चुके हैं, वहां एक वरिष्ठ अधिकारी का यह कदम केवल प्रशासनिक पहल नहीं बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी है। छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव की नींव बनते हैं… और बंशीधर तिवारी की यह पहल उसी सोच की एक मजबूत तस्वीर है।

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