बदलते शैक्षिक परिदृश्य में सकारात्मक दृष्टिकोण और नवाचार के साथ कार्य करें अधिकारी: अपर निदेशक गढ़वाल

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उप शिक्षाधिकारियों की मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक और अभिमुखीकरण कार्यशाला आयोजित

पौड़ी-  शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और अधिकारियों को विभागीय योजनाओं एवं नवीन व्यवस्थाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से मंडल स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक एवं अभिमुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में उप शिक्षाधिकारियों एवं नवनियुक्त उप शिक्षाधिकारियों को उनके विभागीय दायित्वों, योजनाओं के क्रियान्वयन और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया।

अपर निदेशक, गढ़वाल मंडल प्रमेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में नए परिवर्तन और नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। ऐसे में अधिकारियों के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना, नवीन व्यवस्थाओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करना और समस्याओं का समाधानपरक दृष्टि से निस्तारण करना आवश्यक है। उन्होंने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कार्यों की नियमित समीक्षा तथा आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने पर जोर दिया।

कार्यशाला में वित्तीय प्रबंधन, एसएनए एवं एसएनए स्पर्श प्रणाली, आईएमएमएस पोर्टल, परख, कौशलम्, आनंदम, वीरगाथा और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही विद्यालयों के निरीक्षण एवं अनुश्रवण, पीएम पोषण योजना, निपुण भारत मिशन, आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन), पीजीआई तथा निःशुल्क जूता-बैग, गणवेश और पाठ्य पुस्तक वितरण की समीक्षा की गई। इसके अलावा राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति (एनएमएमएस), डॉ. शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति, श्रीदेव सुमन राज्य मेधा छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति और साइकिल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।

विषय विशेषताओं ने समग्र शिक्षा के अंतर्गत निर्माण कार्यों, व्यावसायिक शिक्षा, आईसीटी, एमआईएस और शैक्षिक सूचकांकों की जानकारी देते हुए नामांकन एवं विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति में सुधार पर जोर दिया। कार्यशाला में बाल वाटिका, बालिका शिक्षा, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सुविधाओं, छात्रावासों, स्काउट एवं गाइड, सामुदायिक सहभागिता तथा पीएमश्री विद्यालयों से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त उल्लास कार्यक्रम, इको क्लब, खेल अनुदान, विज्ञान गतिविधियों, मैथ्स विजार्ड, जादुई पिटारा और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान सहित विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों के प्रभावी संचालन पर चर्चा की गयी।

अधिकारियों को यू-डाइस एवं अपार आईडी सहित विभिन्न डिजिटल पोर्टल पर सूचनाओं का समयबद्ध एवं सटीक अद्यतन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्यशाला में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित अनुश्रवण, बेहतर समन्वय और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।

कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रूप में सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी सुनीता सोलंकी, डायट प्राचार्य स्वराज तोमर, डायट से भारत भूषण परमार, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक/माध्यमिक) पौड़ी अंशुल बिष्ट, खंड शिक्षा अधिकारी बीरोंखाल वर्षा भारद्वाज, तथा समग्र शिक्षा से विकास नयाल, जयंती पुरोहित, रीना रावत और शालिनी रौतेला सहित विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। विभिन्न विषयों पर संबंधित अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने विभागीय योजनाओं, प्रक्रियाओं और कार्यदायित्वों की जानकारी साझा की। इस अवसर पर गढ़वाल मंडल के सभी उप शिक्षाधिकारी उपस्थित रहे।

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