डेंगू-चिकनगुनिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सभी जिलों को व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश

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अस्पतालों में बनाए जाएंगे विशेष डेंगू वार्ड

देहरादून। प्रदेश में डेंगू और चिकनगुनिया के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुनीता टम्टा ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को रोगों की रोकथाम, नियंत्रण और उपचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय समन्वय बैठकें आयोजित करने को कहा है। इन बैठकों में स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, नगर निकाय, ग्राम पंचायतों और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर डेंगू एवं चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

डॉ. टम्टा ने निर्देश दिए हैं कि मच्छरों के पनपने वाले जल जमाव वाले स्थानों को चिन्हित कर उन्हें समाप्त किया जाए। आवश्यकता के अनुसार लार्वीसाइड का छिड़काव किया जाए तथा अन्य निरोधात्मक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जाएं। इसके साथ ही बुखार से पीड़ित मरीजों की जल्द पहचान के लिए व्यापक फीवर सर्विलांस अभियान चलाया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि डेंगू के संदिग्ध मामलों में तत्काल जांच सुनिश्चित की जाए। यदि किसी मरीज में डेंगू की पुष्टि होती है तो उसके घर और आसपास के क्षेत्रों में स्पेस एवं फोकल स्प्रे अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। वहीं, जनपदीय रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी, फीवर सर्विलांस और स्रोत नियंत्रण अभियान चलाएगी।

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि नगर निगम, नगर पालिकाओं और ग्राम पंचायतों के सहयोग से आवश्यकतानुसार फॉगिंग और लार्वीसाइड छिड़काव की कार्रवाई की जाए, ताकि मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

स्वास्थ्य संस्थानों की तैयारियों को लेकर भी विभाग ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। जिला चिकित्सालयों, बेस अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में डेंगू रोगियों के लिए पृथक आइसोलेशन वार्ड, मच्छरदानी युक्त पर्याप्त बेड, आवश्यक दवाइयों और मानक उपचार सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रत्येक डेंगू वार्ड के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।

इसके अलावा चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा गंभीर मरीजों के उपचार के लिए प्लेटलेट्स का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। डेंगू जांच केंद्रों पर एलाइजा (ELISA) जांच किट और अन्य जरूरी जांच सामग्री की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें, जल जमाव न होने दें और डेंगू-चिकनगुनिया से बचाव के उपायों को अपनाएं। साथ ही जनजागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को मच्छरजनित रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा।

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