Adhiraj News https://adhirajnews.com National News Portal Fri, 23 Oct 2026 11:34:59 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 https://adhirajnews.com/wp-content/uploads/2025/04/cropped-cropped-adhiraj-news-logo-1-32x32.png Adhiraj News https://adhirajnews.com 32 32 बदलते शैक्षिक परिदृश्य में सकारात्मक दृष्टिकोण और नवाचार के साथ कार्य करें अधिकारी: अपर निदेशक गढ़वाल https://adhirajnews.com/officers-should-work-with-a-positive-approach-and-innovation-within-the-changing-educational-landscape-additional-director-garhwal/ Fri, 23 Oct 2026 11:34:59 +0000 https://adhirajnews.com/officers-should-work-with-a-positive-approach-and-innovation-within-the-changing-educational-landscape-additional-director-garhwal/ [more...]]]>

उप शिक्षाधिकारियों की मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक और अभिमुखीकरण कार्यशाला आयोजित

पौड़ी-  शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और अधिकारियों को विभागीय योजनाओं एवं नवीन व्यवस्थाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से मंडल स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक एवं अभिमुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में उप शिक्षाधिकारियों एवं नवनियुक्त उप शिक्षाधिकारियों को उनके विभागीय दायित्वों, योजनाओं के क्रियान्वयन और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया।

अपर निदेशक, गढ़वाल मंडल प्रमेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में नए परिवर्तन और नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। ऐसे में अधिकारियों के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना, नवीन व्यवस्थाओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करना और समस्याओं का समाधानपरक दृष्टि से निस्तारण करना आवश्यक है। उन्होंने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कार्यों की नियमित समीक्षा तथा आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने पर जोर दिया।

कार्यशाला में वित्तीय प्रबंधन, एसएनए एवं एसएनए स्पर्श प्रणाली, आईएमएमएस पोर्टल, परख, कौशलम्, आनंदम, वीरगाथा और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही विद्यालयों के निरीक्षण एवं अनुश्रवण, पीएम पोषण योजना, निपुण भारत मिशन, आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन), पीजीआई तथा निःशुल्क जूता-बैग, गणवेश और पाठ्य पुस्तक वितरण की समीक्षा की गई। इसके अलावा राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति (एनएमएमएस), डॉ. शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति, श्रीदेव सुमन राज्य मेधा छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति और साइकिल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।

विषय विशेषताओं ने समग्र शिक्षा के अंतर्गत निर्माण कार्यों, व्यावसायिक शिक्षा, आईसीटी, एमआईएस और शैक्षिक सूचकांकों की जानकारी देते हुए नामांकन एवं विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति में सुधार पर जोर दिया। कार्यशाला में बाल वाटिका, बालिका शिक्षा, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सुविधाओं, छात्रावासों, स्काउट एवं गाइड, सामुदायिक सहभागिता तथा पीएमश्री विद्यालयों से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त उल्लास कार्यक्रम, इको क्लब, खेल अनुदान, विज्ञान गतिविधियों, मैथ्स विजार्ड, जादुई पिटारा और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान सहित विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों के प्रभावी संचालन पर चर्चा की गयी।

अधिकारियों को यू-डाइस एवं अपार आईडी सहित विभिन्न डिजिटल पोर्टल पर सूचनाओं का समयबद्ध एवं सटीक अद्यतन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्यशाला में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित अनुश्रवण, बेहतर समन्वय और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।

कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रूप में सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी सुनीता सोलंकी, डायट प्राचार्य स्वराज तोमर, डायट से भारत भूषण परमार, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक/माध्यमिक) पौड़ी अंशुल बिष्ट, खंड शिक्षा अधिकारी बीरोंखाल वर्षा भारद्वाज, तथा समग्र शिक्षा से विकास नयाल, जयंती पुरोहित, रीना रावत और शालिनी रौतेला सहित विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। विभिन्न विषयों पर संबंधित अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने विभागीय योजनाओं, प्रक्रियाओं और कार्यदायित्वों की जानकारी साझा की। इस अवसर पर गढ़वाल मंडल के सभी उप शिक्षाधिकारी उपस्थित रहे।

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पल्टन बाजार में सुबह 11 से शाम 7 बजे तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित https://adhirajnews.com/vehicle-entry-into-paltan-bazaar-is-prohibited-from-1100-am-to-700-pm/ Fri, 23 Oct 2026 10:49:03 +0000 https://adhirajnews.com/vehicle-entry-into-paltan-bazaar-is-prohibited-from-1100-am-to-700-pm/ [more...]]]>

जनसुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन सख्त

व्यस्त बाजारों में अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान, रेहड़ी-ठेली सहित सभी प्रकार के अतिक्रमण पर होगी प्रभावी कार्रवाई

एडीएम के.के मिश्रा ने पुलिस, नगर निगम एवं संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश, व्यापारियों से सहयोग की अपील

देहरादून। त्यौहारी सीजन के दृष्टिगत शहर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने, बाजारों में भीड़ प्रबंधन तथा आमजन की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देशों के क्रम में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय कक्ष में पुलिस, प्रशासन, नगर निगम के संबंधित अधिकारियों तथा व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्यौहारी सीजन के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों, विशेषकर पल्टन बाजार एवं अन्य व्यस्तत्म क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने, अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण तथा जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ के दृष्टिगत आम नागरिकों, व्यापारियों एवं बाजार में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की सुविधा एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) के.के मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पल्टन बाजार सहित शहर के अन्य व्यस्ततम बाजारों में यातायात एवं जनसुरक्षा के दृष्टिगत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में बाजारों में लोगों की आवाजाही बढ़ने के कारण यातायात प्रबंधन, पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में आवागमन के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहना आवश्यक है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और निर्धारित व्यवस्थाओं का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराएं। पल्टन बाजार में सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। व्यापारियों से अनुरोध किया कि लोडिंग अनलोडिंग का कार्य प्रातः 11 बजे से पूर्व तथा सांय 07 बजे उपरान्त ही किया जाए। इस व्यवस्था का उद्देश्य बाजार क्षेत्र में भीड़ के बीच यातायात के दबाव को कम करना तथा आमजन को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना है। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्धारित समयावधि में वाहन प्रतिबंध का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।

अपर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि पल्टन बाजार सहित शहर के प्रमुख एवं व्यस्तत्म बाजारों में अतिक्रमण के विरुद्ध जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। बाजारों में आवागमन बाधित करने वाले अतिक्रमण, रेहड़ी-ठेली तथा अन्य प्रकार के अवरोधों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस, नगर निगम एवं प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजारों में व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकतानुसार संयुक्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे त्योहारी सीजन में बेहतर यातायात व्यवस्था एवं जनसुरक्षा बनाए रखने में जिला प्रशासन का सहयोग करें। व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों के बाहर अनावश्यक रूप से सामान न रखें तथा बाजारों में आवागमन के लिए निर्धारित स्थान को अवरोधमुक्त रखने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और व्यापारियों के आपसी सहयोग से ही बाजारों में सुव्यवस्थित व्यवस्था कायम रखी जा सकती है।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि त्यौहारी सीजन के दौरान बाजारों में आने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा यातायात व्यवस्था, पैदल आवागमन और जनसुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में उप जिलाधिकारी मुख्यालय हर्षिता सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात जगदीश पंत, राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड उत्तराखंड के सदस्य एवं दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज मैसोन तथा उपाध्यक्ष हरीश विरमानी सहित पुलिस, प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

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इम्युनिटी मजबूत करने के लिए सिर्फ विटामिन C और D नहीं, इन पोषक तत्वों का सेवन भी है जरूरी https://adhirajnews.com/to-strengthen-immunity-it-is-essential-to-consume-not-just-vitamins-c-and-d-but-also-these-other-nutrients/ Fri, 23 Oct 2026 09:36:18 +0000 https://adhirajnews.com/to-strengthen-immunity-it-is-essential-to-consume-not-just-vitamins-c-and-d-but-also-these-other-nutrients/ [more...]]]>

शरीर को संक्रमण और बीमारियों से बचाने में प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्युनिटी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को वायरस, बैक्टीरिया और अन्य रोग पैदा करने वाले सूक्ष्मजीवों से मुकाबला करने में मदद करती है। इसके लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि को जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल विटामिन C और D पर निर्भर रहने के बजाय शरीर को दूसरे आवश्यक पोषक तत्व भी पर्याप्त मात्रा में मिलने चाहिए।

कोरोना महामारी के दौरान भी प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया था। हालांकि, किसी एक खाद्य पदार्थ या विटामिन से सभी संक्रमणों से बचाव की गारंटी नहीं मिलती। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने के लिए संपूर्ण आहार और स्वस्थ दिनचर्या पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है।

विटामिन C शरीर की रक्षा प्रणाली के लिए जरूरी

विटामिन C एक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने और प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज में सहायता करता है। यह सफेद रक्त कोशिकाओं के कार्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संतरा, आंवला, अमरूद, नींबू और अन्य फल-सब्जियां इसके अच्छे स्रोत हैं।

आहार में नियमित रूप से विटामिन C से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करने से शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। हालांकि, सामान्य जरूरत पूरी होने के बाद अतिरिक्त विटामिन C लेने से संक्रमण से बचाव की गारंटी नहीं मिलती।

विटामिन D भी निभाता है अहम भूमिका

विटामिन D हड्डियों के स्वास्थ्य के साथ-साथ प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज के लिए भी आवश्यक है। शरीर को यह विटामिन धूप के संपर्क से मिल सकता है। इसके अलावा कुछ खाद्य पदार्थ, जैसे विटामिन D से समृद्ध दूध और अन्य फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ, इसके स्रोत हो सकते हैं।

धूप में रहने की उपयुक्त अवधि त्वचा के प्रकार, मौसम, स्थान और अन्य परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए केवल निश्चित समय तक धूप लेने से हर व्यक्ति में पर्याप्त विटामिन D बनने की गारंटी नहीं होती। कमी की आशंका होने पर डॉक्टर की सलाह से जांच कराना उपयोगी हो सकता है।

विटामिन E से मिलता है एंटीऑक्सीडेंट का लाभ

विटामिन E भी शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व है। यह कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में मदद करता है और प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कार्य में योगदान देता है। बादाम, सूरजमुखी के बीज, वनस्पति तेल और कुछ हरी पत्तेदार सब्जियों में यह पाया जाता है।

संतुलित आहार के जरिए विटामिन E की जरूरत पूरी करने का प्रयास करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के इसकी अधिक मात्रा वाले सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है, क्योंकि जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसान पहुंचा सकता है।

प्रोटीन की कमी से प्रभावित हो सकती है इम्युनिटी

प्रोटीन शरीर की वृद्धि, ऊतकों की मरम्मत और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए आवश्यक है। शरीर में प्रतिरक्षा कोशिकाओं और एंटीबॉडी के निर्माण में प्रोटीन की भूमिका होती है। लंबे समय तक इसकी कमी रहने पर शरीर के सामान्य कार्यों और संक्रमण से मुकाबला करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है।

दालें, दूध, दही, पनीर, सोया, अंडे और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ आहार में शामिल किए जा सकते हैं। उम्र, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार प्रोटीन की जरूरत अलग-अलग होती है।

जिंक भी है महत्वपूर्ण पोषक तत्व

जिंक शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज, कोशिकाओं के विकास और घाव भरने की प्रक्रिया में योगदान देता है। इसकी कमी होने पर प्रतिरक्षा संबंधी कार्य प्रभावित हो सकते हैं। दालें, बीज, मेवे, साबुत अनाज और अन्य खाद्य पदार्थ जिंक के स्रोत हैं।

विशेष रूप से बुजुर्गों और उन लोगों को अपने आहार पर ध्यान देना चाहिए, जिनमें पोषक तत्वों की कमी होने का खतरा अधिक रहता है। जिंक सप्लीमेंट का इस्तेमाल जरूरत और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। इसकी अधिक मात्रा से मतली, पेट संबंधी परेशानी और लंबे समय तक सेवन करने पर कॉपर की कमी हो सकती है।

इम्युनिटी बेहतर रखने के लिए अपनाएं स्वस्थ आदतें

प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ रखने के लिए केवल पोषक तत्वों पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। दैनिक जीवन में कुछ आदतें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

संतुलित आहार लें: फल, सब्जियां, साबुत अनाज, प्रोटीन और स्वस्थ वसा को भोजन में शामिल करें।

पर्याप्त नींद लें: नियमित और अच्छी नींद शरीर के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है।

शारीरिक रूप से सक्रिय रहें: अपनी क्षमता के अनुसार नियमित व्यायाम या पैदल चलने की आदत अपनाएं।

स्वच्छता बनाए रखें: हाथ धोने और भोजन की साफ-सफाई जैसी आदतें संक्रमण का खतरा कम करने में मदद करती हैं।

सप्लीमेंट सोच-समझकर लें: विटामिन और मिनरल की गोलियां तभी लें, जब उनकी जरूरत हो या डॉक्टर सलाह दें।

शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन C, विटामिन D, विटामिन E, प्रोटीन और जिंक जैसे पोषक तत्व जरूरी हैं। लेकिन किसी एक विटामिन या सप्लीमेंट को इम्युनिटी बढ़ाने का चमत्कारी उपाय नहीं समझना चाहिए। संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद, नियमित गतिविधि और जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय सलाह ही बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में मददगार हैं।

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पुतिन का यूरोप पर तीखा हमला, बोले- रूस को हराने का सपना छोड़ दें देश, यूक्रेन युद्ध पर बातचीत के संकेत https://adhirajnews.com/putin-launches-a-sharp-attack-on-europe-tells-nations-to-abandon-the-dream-of-defeating-russia-hints-at-talks-regarding-the-war-in-ukraine/ Fri, 23 Oct 2026 06:34:03 +0000 https://adhirajnews.com/putin-launches-a-sharp-attack-on-europe-tells-nations-to-abandon-the-dream-of-defeating-russia-hints-at-talks-regarding-the-war-in-ukraine/ [more...]]]>

पुतिन ने नवंबर में त्रिपक्षीय वार्ता को लेकर दिए संकेत

मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक हलचल के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने रूस के साथ संभावित युद्ध की आशंकाओं को हवा देने वाले बयानों को ‘राजनीतिक विक्षिप्तता’ करार देते हुए कहा कि रणनीतिक स्तर पर रूस को पराजित करना यूरोप के लिए संभव नहीं है। पुतिन ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस की यूरोपीय देशों के साथ युद्ध करने की कोई मंशा नहीं है। उनके इस बयान के बीच रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच त्रिपक्षीय वार्ता दोबारा शुरू होने की संभावनाएं भी सामने आई हैं।

रूस को हराना आसान नहीं: पुतिन

यूरोपीय देशों की ओर से रूस को संभावित खतरे के रूप में पेश किए जाने पर सवाल उठाते हुए पुतिन ने कहा कि रूस के खिलाफ युद्ध की तैयारी का माहौल बनाना निराधार है। उनके मुताबिक, यूरोपीय देश भी रूस के साथ सीधे सैन्य टकराव से बचना चाहते हैं। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि अतीत में रूस को हराने की कोशिश करने वाली ताकतों को अंततः यह समझना पड़ा कि उसके साथ सहयोग और मित्रता का रास्ता अधिक बेहतर है।

पुतिन के बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बना हुआ है और यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध पर फिर शुरू हो सकती है त्रिपक्षीय वार्ता

पुतिन ने संकेत दिया कि रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच बातचीत का सिलसिला दोबारा शुरू करने पर सहमति बनी है। रूसी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, इससे पहले रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव ने बताया था कि वार्ता 10 नवंबर के बाद फिर से शुरू हो सकती है।

पुतिन ने कहा कि रूस संघर्ष का समाधान निकालने के लिए बातचीत के जरिए रास्ता तलाशने का प्रयास करेगा। हालांकि, वार्ता दोबारा शुरू होने की संभावना के बावजूद युद्ध समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनना अभी बाकी है।

यूक्रेन को बताया भाईचारे वाला देश

रूसी राष्ट्रपति ने यूक्रेन को अपना ‘भाईचारे वाला देश’ बताते हुए दावा किया कि रूसी और यूक्रेनी लोगों के बीच ऐतिहासिक और आनुवंशिक समानताएं हैं। उन्होंने दोनों देशों के लोगों को एक ही समुदाय का हिस्सा बताते हुए संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर दिया।

दूसरी ओर, पुतिन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेनी प्रशासन अपने नागरिकों को युद्ध में झोंक रहा है और लोगों को सड़कों से पकड़कर सैन्य मोर्चों पर भेजा जा रहा है। ये आरोप रूसी राष्ट्रपति की ओर से लगाए गए हैं।

अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने क्यों की पुतिन से मुलाकात?

पुतिन की यह टिप्पणी अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ उनकी मुलाकात के बाद आई है। 21 अक्टूबर को सेंट पीटर्सबर्ग में हुई इस बैठक का उद्देश्य यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के प्रस्तावों पर चर्चा करना और आगे की बातचीत के लिए संभावनाएं तलाशना था।

इससे पहले विटकॉफ ने नॉर्वे में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी मुलाकात की थी। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में हुई बातचीत के नतीजों की समीक्षा भी अमेरिकी दूत के एजेंडे में शामिल थी। लगातार हो रही इन मुलाकातों से रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर नए कूटनीतिक प्रयासों की उम्मीद बढ़ी है।

2014 से शुरू हुआ विवाद, 2022 में बड़े युद्ध में बदला

रूस और यूक्रेन के बीच मौजूदा संघर्ष की पृष्ठभूमि वर्ष 2014 से जुड़ी है। उस दौरान रूस ने क्रीमिया पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था, जबकि पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में रूसी समर्थित अलगाववादियों और यूक्रेनी सेना के बीच लड़ाई शुरू हो गई थी।

24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर व्यापक सैन्य हमला शुरू किया। इसके बाद दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। फरवरी 2022 के अंत में बेलारूस में वार्ता शुरू हुई और मार्च में तुर्किये के इस्तांबुल में भी बातचीत हुई, लेकिन क्षेत्रीय नियंत्रण, यूक्रेन की तटस्थता और सुरक्षा गारंटी जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।

मई 2025 में तुर्किये में दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष बातचीत का एक और दौर हुआ। इसके बाद 2026 की शुरुआत में अमेरिका की मध्यस्थता से जनवरी और फरवरी में वार्ता के कई दौर आयोजित किए गए। हालांकि, फरवरी के बाद बातचीत की प्रक्रिया में लंबा अंतराल आ गया।

सितंबर 2026 में अमेरिकी नेतृत्व में कूटनीतिक प्रयासों को फिर गति देने की कोशिश की गई। अब पुतिन और अमेरिकी दूत की मुलाकात के बाद नवंबर में रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच त्रिपक्षीय वार्ता दोबारा शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

शांति की राह में अब भी कई चुनौतियां

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त कराने के लिए बातचीत की संभावनाएं जरूर बनी हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच मतभेद अब भी गंभीर हैं। क्षेत्रीय नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य में यूक्रेन की स्थिति जैसे सवाल किसी भी समझौते के लिए निर्णायक होंगे। ऐसे में प्रस्तावित त्रिपक्षीय वार्ता से शांति की दिशा में कोई ठोस प्रगति होती है या नहीं, इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी।

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भारत-जिम्बाब्वे महिला वनडे सीरीज का आगाज आज से, जानें कब और कहां देख सकेंगे लाइव मुकाबला https://adhirajnews.com/india-zimbabwe-womens-odi-series-begins-today-find-out-when-and-where-you-can-watch-the-matches-live/ Fri, 23 Oct 2026 06:02:33 +0000 https://adhirajnews.com/india-zimbabwe-womens-odi-series-begins-today-find-out-when-and-where-you-can-watch-the-matches-live/ [more...]]]>

नई दिल्ली। टी20 सीरीज में जिम्बाब्वे को 3-0 से शिकस्त देने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब वनडे प्रारूप में भी अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। शुक्रवार, 23 अक्टूबर से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारतीय टीम का लक्ष्य विपक्षी टीम पर दबदबा बनाते हुए सीरीज अपने नाम करना होगा। स्मृति मंधाना की पूर्णकालिक कप्तानी में यह वनडे सीरीज टीम के लिए अहम है। मौजूदा विश्व चैंपियन भारत के सामने जिम्बाब्वे की चुनौती होगी, जहां टीम अपने मजबूत बल्लेबाजी क्रम और प्रभावी गेंदबाजी के दम पर बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी।

हरमनप्रीत कौर की वापसी से मजबूत होगा मध्यक्रम

भारतीय टीम के लिए पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर की फॉर्म में वापसी राहत की खबर है। जिम्बाब्वे के खिलाफ आखिरी टी20 मुकाबले में उन्होंने 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन बनाकर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार नमूना पेश किया। उनकी इस पारी से वनडे सीरीज से पहले टीम का मनोबल बढ़ा है। हालांकि, चोट के कारण जेमिमा रोड्रिग्स इस सीरीज में नहीं खेलेंगी। ऐसे में भारतीय टीम के सामने तीसरे नंबर पर उपयुक्त बल्लेबाज चुनने की चुनौती रहेगी।

टीम प्रबंधन हरलीन देओल और प्रतिका रावल को इस स्थान पर मौका दे सकता है। दोनों बल्लेबाजों की भूमिका अहम होगी, जबकि मध्यक्रम में हरमनप्रीत से तेजी से रन बनाने की उम्मीद रहेगी। शीर्ष क्रम में शेफाली वर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी भी भारत के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकती है।

स्मृति मंधाना के लिए खास होगी वनडे सीरीज

पूर्णकालिक कप्तान बनने के बाद स्मृति मंधाना के लिए यह पहली वनडे सीरीज होगी। टी20 प्रारूप में टीम ने उनके नेतृत्व में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों मुकाबले जीते। अब उनकी कोशिश वनडे में भी टीम को इसी लय में आगे बढ़ाने की होगी। मंधाना के अलावा शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर भी प्रदर्शन की जिम्मेदारी रहेगी।

गेंदबाजी में श्री चरणी से प्रभावशाली प्रदर्शन की उम्मीद होगी। भारतीय टीम चाहेगी कि बल्लेबाजों के साथ गेंदबाज भी अपनी भूमिका बखूबी निभाएं, ताकि सीरीज के पहले मुकाबले से ही विपक्षी टीम पर दबाव बनाया जा सके।

जिम्बाब्वे की टीम भी सुधार के इरादे से उतरेगी

टी20 सीरीज में तीनों मुकाबले गंवाने के बावजूद जिम्बाब्वे की टीम के लिए कुछ सकारात्मक पहलू रहे। टीम ने क्षेत्ररक्षण में अच्छा प्रदर्शन किया और किसी भी मुकाबले में पूरी टीम आउट नहीं हुई। केलिस नधलोवु ने शीर्ष क्रम में उपयोगी योगदान दिया, जबकि शार्ने मेयर्स ने पहले टी20 में 43 रन और अंतिम मुकाबले में 60 रन बनाकर अपनी क्षमता दिखाई।

वनडे सीरीज में जिम्बाब्वे की टीम इन प्रदर्शन को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगी। गेंदबाजी में बिलव्ड बीजा और न्याशा ग्वांजुरा पर अहम जिम्मेदारी होगी। हालांकि, भारतीय टीम की मजबूत बल्लेबाजी के सामने उसके गेंदबाजों को बेहतर रणनीति के साथ उतरना होगा।

भारत और जिम्बाब्वे की संभावित चुनौती

भारतीय टीम की कोशिश शुरुआती मुकाबले में जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त बनाने की होगी। वहीं, जिम्बाब्वे के सामने टी20 सीरीज की हार को पीछे छोड़कर वनडे में बेहतर खेल दिखाने की चुनौती रहेगी। दोनों टीमों के बीच पहला मुकाबला सीरीज की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।

भारत की टीम

स्मृति मंधाना (कप्तान), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), हरलीन देओल, ऋचा घोष (विकेटकीपर), प्रतिका रावल, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा (उपकप्तान), हरमनप्रीत कौर, सयाली सतघरे, शेफाली वर्मा, क्रांति गौड़, जिंतिमणि कलिता, नंदनी शर्मा, श्री चरणी और वैष्णवी शर्मा।

जिम्बाब्वे की टीम

जोसेफिन नकोमो (कप्तान), चिएद्जा धुरुरू (विकेटकीपर), शार्ने मेयर्स, मोडेस्टर मुपाचिक्वा (विकेटकीपर), बिलव्ड बीजा, न्याशा ग्वांजुरा, मिशेल मावुंगा, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, केलिस नधलोवु, ओलिन्दर चारे, कुदज़ई चिगोरा, फ्रांसिस्का चिपारे, तेंडाई मकुशा, लोरिन फिरी और नोमवेलो सिबांडा।

भारत-जिम्बाब्वे महिला वनडे मैच की लाइव स्ट्रीमिंग से जुड़ी जानकारी

पहला वनडे कब खेला जाएगा?

भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 23 अक्टूबर को खेला जाएगा।

मुकाबला कहां होगा?

पहला वनडे गुजरात के वडोदरा स्थित बीसीए स्टेडियम में आयोजित होगा।

मैच कितने बजे शुरू होगा?

मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे शुरू होगा। टॉस दोपहर 1:30 बजे होगा।

मैच का सीधा प्रसारण कहां देख सकते हैं?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुकाबले का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनलों पर किया जाएगा।

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बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का जलवा बरकरार, ‘रणबाली’ की कमाई में आई गिरावट, जानें बाकी फिल्मों का हाल https://adhirajnews.com/jailer-2-continues-its-strong-run-at-the-box-office-while-ranbali-sees-a-decline-in-earnings-heres-how-other-films-are-faring/ Fri, 23 Oct 2026 05:33:07 +0000 https://adhirajnews.com/jailer-2-continues-its-strong-run-at-the-box-office-while-ranbali-sees-a-decline-in-earnings-heres-how-other-films-are-faring/ [more...]]]>

बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों कई फिल्मों के बीच कमाई को लेकर मुकाबला देखने को मिल रहा है। रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ शानदार प्रदर्शन करते हुए करोड़ों रुपये बटोर रही है। वहीं, विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की ‘रणबाली’ की कमाई में गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर, यामी गौतम की ‘नई नवेली’ और राजकुमार राव की ‘प्रहार’ सिनेमाघरों में अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं। अजय देवगन की ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ भी लगातार कमाई कर रही है। आइए जानते हैं कि गुरुवार को इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कितनी कमाई की।

‘जेलर 2’ की कमाई ने बनाया दबदबा

रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के आठवें दिन फिल्म की कमाई में थोड़ी गिरावट जरूर आई, लेकिन इसके बावजूद फिल्म ने अच्छा कारोबार किया। गुरुवार को फिल्म ने 17.15 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही भारत में फिल्म की कुल कमाई 334.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, दुनियाभर में इसका कारोबार बढ़कर 606.05 करोड़ रुपये हो गया है। फिल्म की लगातार कमाई इसे बॉक्स ऑफिस की सबसे चर्चित फिल्मों में बनाए हुए है।

‘रणबाली’ की रफ्तार पड़ी धीमी

विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘रणबाली’ की कमाई में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। फिल्म ने बुधवार को 5.50 करोड़ रुपये कमाए थे, लेकिन गुरुवार को इसका कलेक्शन घटकर 3.15 करोड़ रुपये रह गया। सात दिनों में फिल्म कुल 45.20 करोड़ रुपये का कारोबार कर चुकी है। बॉक्स ऑफिस पर दूसरी बड़ी फिल्मों से मिल रही प्रतिस्पर्धा के बीच अब देखना होगा कि फिल्म आने वाले दिनों में अपनी कमाई की रफ्तार बढ़ा पाती है या नहीं।

‘नई नवेली’ ने एक सप्ताह में कमाए 22 करोड़ रुपये से ज्यादा

यामी गौतम की हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘नई नवेली’ ने सिनेमाघरों में एक सप्ताह पूरा कर लिया है। फिल्म का प्रदर्शन औसत रहने के बावजूद यह लगातार कमाई कर रही है। बुधवार को फिल्म ने 2 करोड़ रुपये जुटाए थे, जबकि गुरुवार को इसकी कमाई 1.50 करोड़ रुपये रही। इस तरह फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 22.15 करोड़ रुपये हो गया है। आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई किस दिशा में जाती है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।

‘प्रहार’ की कमाई में भी आई गिरावट

राजकुमार राव, वामिका गब्बी और जयदीप अहलावत की फिल्म ‘प्रहार’ को रिलीज हुए एक सप्ताह हो चुका है। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई है। बुधवार को फिल्म ने 1.50 करोड़ रुपये का कारोबार किया था, लेकिन गुरुवार को यह आंकड़ा घटकर 1.20 करोड़ रुपये रह गया। फिल्म की कुल कमाई अब 17.15 करोड़ रुपये हो गई है। शुरुआती दिनों से ही फिल्म को दर्शकों का सीमित समर्थन मिल रहा है, ऐसे में इसके लिए बॉक्स ऑफिस पर अपनी स्थिति मजबूत करना चुनौती बना हुआ है।

‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ की कमाई जारी

अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ भी बॉक्स ऑफिस पर लगातार कारोबार कर रही है। दो अक्टूबर को रिलीज हुई इस फिल्म को सिनेमाघरों में आए तीन सप्ताह से अधिक समय हो चुका है। इसके बावजूद फिल्म की कमाई जारी है। रिलीज के 21वें दिन यानी गुरुवार को फिल्म ने 2.10 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म की कुल कमाई 361.85 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। नई फिल्मों की मौजूदगी के बावजूद फिल्म का टिके रहना इसके बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन को मजबूती देता है।

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उत्तराखंड में फिर बदलेगा मौसम, पहाड़ों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार https://adhirajnews.com/weather-will-change-again-in-uttarakhand-chances-of-rain-in-mountains-and-snowfall-in-high-altitude-areas/ Fri, 23 Oct 2026 04:53:39 +0000 https://adhirajnews.com/weather-will-change-again-in-uttarakhand-chances-of-rain-in-mountains-and-snowfall-in-high-altitude-areas/ [more...]]]>

देहरादून। उत्तराखंड में कुछ दिनों तक मौसम साफ रहने के बाद अब एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के चार पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं, 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार जताए गए हैं। मौसम में इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ सकता है, जिससे लोगों को ठंड का अधिक एहसास होगा।

मौसम विभाग के अनुसार, 23 अक्टूबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने से पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड बढ़ने की संभावना है।

मैदानी इलाकों में भी बढ़ेगी ठंड

पहाड़ों में मौसम बदलने का प्रभाव मैदानी क्षेत्रों के तापमान पर भी पड़ सकता है। तापमान में गिरावट आने से सुबह और शाम के साथ दिन के समय भी ठंड महसूस हो सकती है। बृहस्पतिवार को प्रदेश के मैदानी इलाकों में तेज धूप निकलने के कारण लोगों को गर्मी का एहसास हुआ था, लेकिन आने वाले दिनों में परिस्थितियां बदल सकती हैं।

26 अक्टूबर तक बारिश के आसार

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, 26 अक्टूबर तक प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर यात्रा की योजना बनानी चाहिए। तापमान में संभावित गिरावट को देखते हुए गर्म कपड़े साथ रखना भी उपयोगी रहेगा।

फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में संभावित बारिश और बर्फबारी के चलते ठंड बढ़ने के संकेत हैं।

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मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी https://adhirajnews.com/the-chief-minister-flagged-off-the-drug-free-uttarakhand-walkathon/ Fri, 23 Oct 2026 04:06:25 +0000 https://adhirajnews.com/the-chief-minister-flagged-off-the-drug-free-uttarakhand-walkathon/ [more...]]]>

नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री

युवा नशामुक्ति अभियान में सहभागी ही नहीं, नेतृत्वकर्ता भी बनें : मुख्यमंत्री

देहरादून-  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ग्राउंड, ओएनजीसी, देहरादून में ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘ड्रग फ्री उत्तराखण्ड वॉकथॉन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नशामुक्त उत्तराखंड की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं सहित सभी प्रतिभागियों से नशामुक्त उत्तराखण्ड के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने और स्वस्थ एवं सशक्त उत्तराखण्ड के निर्माण का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण अभियान है। इस प्रकार के आयोजनों से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता बढ़ने के साथ ही युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने इस पहल के लिए ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों, आयोजकों एवं विशेष रूप से देवेन्द्र सिंह बिष्ट की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ ही उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। जिस युवा के हाथों में किताबें होनी चाहिए, जिसे खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा दिखानी चाहिए और अपने परिश्रम से भविष्य संवारना चाहिए, यदि वह नशे की गिरफ्त में आ जाता है, तो उसके सपनों के साथ ही परिवार की उम्मीदें भी प्रभावित होती हैं। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रखकर उनकी ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देना हम सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। युवाओं को अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। नशे से दूर रहने के लिए खेल, योग और व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। अच्छी संगति, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली युवाओं को बेहतर भविष्य की ओर ले जाती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहने के साथ ही अपने साथियों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस के प्रयासों से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। विद्यालयों, महाविद्यालयों, कार्यस्थलों और खेल मैदानों से नशामुक्ति का संदेश हर घर और हर गांव तक पहुंचाना होगा। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे इस अभियान में केवल सहभागी बनकर न रहें, बल्कि इसका नेतृत्व करें और दूसरों के लिए प्रेरणा बनें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही जनजागरूकता, नशामुक्ति, उपचार और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों को सही मार्गदर्शन, परामर्श, उपचार और परिवार का भावनात्मक सहयोग मिलना भी आवश्यक है। नशामुक्त उत्तराखण्ड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रभावी कार्रवाई के साथ ही सामाजिक जागरूकता और पुनर्वास के प्रयासों में बेहतर समन्वय जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि होने के साथ ही वीरों, तपस्वियों और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की भूमि है। हमारी युवा पीढ़ी को इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, कौशल विकास, खेल, स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करनी हैं। सरकार का प्रयास है कि युवाओं की ऊर्जा का उपयोग प्रदेश और देश के विकास में हो तथा उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के अधिक से अधिक अवसर मिलें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त उत्तराखण्ड का संकल्प केवल किसी एक आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे अपने आचार, विचार और व्यवहार का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने सभी से ‘नशे को ना, जिंदगी को हां’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से ही एक ऐसे स्वस्थ, सशक्त और नशामुक्त उत्तराखण्ड का निर्माण किया जा सकता है, जहां प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा और परिश्रम से आगे बढ़े तथा प्रत्येक परिवार का भविष्य सुरक्षित और खुशहाल हो।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर, उत्तराखण्ड राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष अशोक वर्मा, डॉ. विकास लोईवाल, ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह बिष्ट सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार, छह स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई https://adhirajnews.com/mdda-strikes-hard-against-illegal-constructions-seals-properties-at-six-locations/ Fri, 23 Oct 2026 03:57:32 +0000 https://adhirajnews.com/mdda-strikes-hard-against-illegal-constructions-seals-properties-at-six-locations/ [more...]]]>

आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों और बिना मानचित्र निर्माण पर सख्ती, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर अभियान जारी

देहरादून – मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्राधिकरण क्षेत्र में छह स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की है। आवासीय कॉलोनियों में बिना अनुमति व्यावसायिक भवन बनाने और स्वीकृत मानचित्र के बिना निर्माण करने के मामलों में प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की। इस अभियान के तहत हरभजवाला, मेहुवाला माफी, चंद्रमणी रोड और राजपुर रोड स्थित निर्माणों को सील किया गया। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा है।

प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निर्माण कार्यों में निर्धारित नियमों और स्वीकृति की प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। बिना अनुमति निर्माण करने या आवासीय परिसरों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन तैयार करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हरभजवाला से राजपुर रोड तक कार्रवाई

एमडीडीए की टीम ने हरभजवाला क्षेत्र में अशरफ अली द्वारा प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना बनाई जा रही छह दुकानों को सील किया। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। आवासीय क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील कर दिया गया।

इसी क्रम में मेहुवाला माफी, शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में शाहिद राव द्वारा किए जा रहे दो अलग-अलग अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई। दोनों मामलों में निर्माण कार्य को सील किया गया। इसी क्षेत्र में फईयाज राव द्वारा किए जा रहे एक अन्य अवैध निर्माण पर भी प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की।

वहीं, चंद्रमणी रोड पर पूजा विहार के निकट ललित कश्यप द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण को सील किया गया। राजपुर रोड पर साई मंदिर के निकट अमित गर्ग द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण के विरुद्ध भी कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील कर दिया गया।

नियमों के उल्लंघन पर नहीं मिलेगी राहत

प्राधिकरण की यह कार्रवाई शहरी क्षेत्रों में नियोजित विकास सुनिश्चित करने और निर्माण संबंधी नियमों के अनुपालन को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिना स्वीकृत मानचित्र निर्माण होने से भवन सुरक्षा, भूमि उपयोग और क्षेत्र की नियोजित व्यवस्था से जुड़े सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसे में प्राधिकरण की ओर से निर्माणकर्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

एमडीडीए की टीम ने संबंधित सहायक अभियंताओं, अवर अभियंताओं, सुपरवाइजरों और पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की। अधिकारियों की निगरानी में की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य नियमों के विपरीत हो रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाना और विकास कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करना है।

प्राधिकरण की ओर से निर्माणकर्ताओं से अपील की गई है कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र और संबंधित स्वीकृतियां प्राप्त कर लें। आवासीय भूखंडों का उपयोग भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई जारी रखेगा।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून में नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। भवन निर्माण से संबंधित नियमों और स्वीकृत मानचित्र का पालन करना प्रत्येक निर्माणकर्ता की जिम्मेदारी है। बिना अनुमति निर्माण करने और आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन तैयार करने के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की टीमें ऐसे मामलों पर लगातार नजर रख रही हैं। उन्होंने कहा कि शहर के व्यवस्थित विकास, नागरिक सुविधाओं और निर्माण संबंधी नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। निर्माणकर्ताओं को भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराने और निर्धारित नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सीलिंग सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से नियमों का पालन कर शहर के सुनियोजित विकास में सहयोग करने की अपील की।

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SDRF उत्तराखण्ड को ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र, यह उपलब्धि हासिल करने वाला बना देश का पहला आपदा प्रतिवादन बल https://adhirajnews.com/sdrf-uttarakhand-receives-iso-9001/ Thu, 22 Oct 2026 12:26:40 +0000 https://adhirajnews.com/sdrf-uttarakhand-receives-iso-9001/ [more...]]]>

मानक संचालन प्रक्रियाओं, पारदर्शी दस्तावेजीकरण और गुणवत्ता प्रबंधन को मिली पहचान; आपदा बचाव के साथ जन-जागरूकता में भी निभा रहा अहम भूमिका

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) को ISO 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली का प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के साथ SDRF उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा आपदा प्रतिवादन बल बना है, जिसे यह प्रमाणपत्र मिला है। यह बल की कार्यकुशलता, अनुशासन, मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) के अनुपालन और व्यवस्थित कार्यप्रणाली को दर्शाता है।

आपदा की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखण्ड में भूकंप, भूस्खलन, अतिवृष्टि, बादल फटने, बाढ़, हिमस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में SDRF की 40 से अधिक टीमें प्रदेशभर में 24×7 राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तत्पर रहती हैं।

23 से 25 सितंबर तक हुआ द्वितीय ऑडिट, 8 अक्टूबर को मिला प्रमाणपत्र

ISO प्रमाणन प्रक्रिया के तहत 23 से 25 सितंबर 2026 तक SDRF वाहिनी मुख्यालय, जौलीग्रांट में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा द्वितीय ऑडिट किया गया। इस दौरान BIS के पूर्व वैज्ञानिक ‘G’ एवं उप महानिदेशक विष्णु गुप्ता ने सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी की उपस्थिति में विभिन्न शाखाओं एवं कार्यप्रणालियों का निरीक्षण किया। ऑडिट में प्रशासनिक व्यवस्था, प्रशिक्षण, संसाधन प्रबंधन, दस्तावेजीकरण, गुणवत्ता प्रबंधन और SOPs के अनुपालन का मूल्यांकन किया गया। इसके बाद 8 अक्टूबर 2026 को SDRF उत्तराखण्ड को ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।

कार्यप्रणाली, जवाबदेही और संसाधन प्रबंधन को मिलेगा लाभ

ISO प्रमाणन से कार्यों का मानकीकरण, अभिलेखों का व्यवस्थित रखरखाव, जिम्मेदारियों का निर्धारण और कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इससे प्रशिक्षण, उपकरणों के रखरखाव, संसाधनों के बेहतर उपयोग और रेस्क्यू अभियानों की तैयारियों में सुधार करने के साथ कमियों की पहचान करना भी आसान होगा।

चारधाम यात्रा और साहसिक पर्यटन में अहम भूमिका

चारधाम यात्रा के दुर्गम पैदल मार्गों, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे ट्रेकर्स के रेस्क्यू, नदी-नालों में खोज एवं बचाव, सड़क दुर्घटनाओं तथा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान SDRF की टीमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। चारधाम यात्रा, धार्मिक आयोजनों, ट्रेकिंग, पर्वतारोहण और रिवर राफ्टिंग के दौरान भी बल की टीमें त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तत्पर रहती हैं। इन अभियानों में प्रशिक्षित कार्मिकों, उचित संसाधन प्रबंधन और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की अहम भूमिका होती है।

मुख्यमंत्री ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने SDRF को ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र मिलने पर बल के अधिकारियों एवं जवानों को बधाई दी। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गौरव की उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह बल की कार्यकुशलता, अनुशासन और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि SDRF भविष्य में भी तत्परता और सेवाभाव के साथ कार्य करती रहेगी।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ एवं पुलिस महानिरीक्षक SDRF योगेंद्र सिंह रावत के मार्गदर्शन तथा सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के नेतृत्व में बल की कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण, संसाधन प्रबंधन और रेस्क्यू प्रक्रियाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र SDRF उत्तराखण्ड के लिए गुणवत्ता, जवाबदेही और निरंतर सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे उत्तराखण्ड पुलिस के साथ-साथ प्रदेश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी।

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