भारत ने आतंकवाद पर अपनाया कड़ा रुख- डॉ. एस. जयशंकर

Estimated read time 1 min read

भारत-ब्रिटेन के बीच रणनीतिक साझेदारी पर मंथन

नई दिल्ली। नई दिल्ली में शनिवार को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी से मुलाकात की। लैमी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे हैं। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों, व्यापारिक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। डॉ. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के प्रति ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति पर कायम है और इस रुख को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोगियों से भी समझने और समर्थन देने की अपेक्षा करता है।

आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का स्पष्ट संदेश

बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करने और भारत के साथ खड़े होने के लिए ब्रिटेन का आभार जताया। उन्होंने दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति बिल्कुल स्पष्ट है—”हम आतंक और उसके समर्थकों के लिए कोई जगह नहीं छोड़ेंगे और पीड़ितों तथा हमलावरों को कभी बराबरी पर नहीं रखेंगे।”

व्यापार समझौते और सीमा पार आतंकवाद पर चर्चा

जयशंकर ने भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, जो द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा भरने का कार्य करेगा। साथ ही भारत ने ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल के समक्ष सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया, जिसमें पाकिस्तान की भूमिका का ज़िक्र किया गया।

ब्रिटेन की क्षेत्रीय स्थिरता में रुचि

ब्रिटेन के विदेश मंत्री लैमी ने भारत दौरे से पूर्व पाकिस्तान की यात्रा की थी, जहां उन्होंने भारत-पाक के बीच 10 मई को हुए संघर्ष विराम समझौते को बनाए रखने की वकालत की थी। भारत यात्रा के दौरान भी लैमी ने दक्षिण एशिया में स्थिरता और शांति की आवश्यकता पर बल दिया।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours