यूपीसीएल उपनल कर्मचारियों को मिलेगा 50 लाख का दुर्घटना बीमा

Estimated read time 1 min read

पीएनबी में खाते खुलते ही उपनल कर्मियों को मिलेंगी अतिरिक्त बैंकिंग सुविधाएं

देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में कार्यरत उपनल कर्मचारियों को अब 50 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा। इस सुविधा के लिए उपनल और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के बीच हुए समझौते के तहत सभी कर्मचारियों के वेतन खाते पीएनबी में खोले जा रहे हैं। बैंक कर्मचारियों को बीमा के साथ-साथ कई अतिरिक्त सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा।

पिछले साल सितंबर में हुए इस अनुबंध के अनुसार, उपनल कर्मचारियों के पीएनबी खाते में वेतन आने पर उन्हें दुर्घटना बीमा समेत विभिन्न लाभ दिए जाएंगे। किसी कर्मचारी की असामयिक मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को बीमा की पूरी राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, खातेधारक कर्मचारियों को सालाना 40 से 100 तक चेक लीफ नि:शुल्क मिलेंगी। साथ ही, वे सालभर में 2 से 5 आरटीजीएस, एनईएफटी या डिमांड ड्राफ्ट निशुल्क करवा सकेंगे। मकान, वाहन या पर्सनल लोन पर बैंक प्रोसेसिंग शुल्क में 50 प्रतिशत तक की छूट और विशेष ऑफरों के तहत 100 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी।

खाते पीएनबी में खुलने के बाद कर्मचारियों को नियमित रूप से माहवार वेतन मिलेगा। हालांकि, अगर लगातार दो महीने से अधिक वेतन अग्रिम दिया गया तो तीसरे माह से कर्मचारी बीमा जैसी सुविधाओं से वंचित हो सकते हैं। वहीं, उपनल के माध्यम से कार्यरत पूर्व सैनिकों को भी पेंशन खाते पीएनबी में स्थानांतरित कराने पर ‘रक्षक प्लस योजना’ के तहत पेंशन बीमा लाभ मिलेगा।

यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि उपनल के पत्र के आधार पर यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी मुख्य अभियंता, महाप्रबंधक, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंताओं को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है।

कर्मचारियों का वेतन आधारित श्रेणीकरण:

10,000 से 25,000 रुपये वेतन वाले: सिल्वर-25 श्रेणी

25,001 से 50,000 रुपये वेतन वाले: गोल्ड-50 श्रेणी

50,001 से 1,00,000 रुपये वेतन वाले: प्रीमियम-100 श्रेणी

1,00,001 से 2,00,000 रुपये वेतन वाले: प्लेटिनम-200 श्रेणी

2,00,001 रुपये से अधिक वेतन वाले: टाइटेनियम श्रेणी

सभी श्रेणियों को दुर्घटना बीमा का लाभ मिलेगा, जबकि बैंकिंग सुविधाओं का वितरण वेतन श्रेणी के अनुसार तय किया गया है।

You May Also Like

More From Author