गाजा में इजरायल के हमलों में 33 नागरिकों की मौत

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गाजा में भूख और कुपोषण का संकट बढ़ा, पांच लाख लोग प्रभावित

गाजा। गाजा में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जहां इस्राइल के हालिया हमलों में बड़ी संख्या में नागरिकों की जानें चली गई हैं। शनिवार को हुए हमलों में कम से कम 33 फलस्तीनियों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं, बच्चे और रोजमर्रा की जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे लोग शामिल थे। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक इस संघर्ष में कुल 62,622 फलस्तीनी जान गंवा चुके हैं।

विस्थापितों के तंबुओं पर हमला
नासिर अस्पताल और स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी गाजा के खान यूनिस में विस्थापितों के तंबुओं को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 17 लोगों की मौत हुई। इनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे थे। उत्तरी गाजा के शेख रादवान फील्ड अस्पताल में भी इस्राइली गोलीबारी में कम से कम पांच सहायता चाहने वालों की मौत हुई, जो जिकिम क्रॉसिंग के पास थे।

पत्रकार भी हमलों में शिकार
फलस्तीनी पत्रकार सिंडिकेट ने पुष्टि की कि कैमरामैन खालिद अल-मधौन जिकिम क्रॉसिंग पर रिपोर्टिंग करते समय हमले में मारे गए। स्थानीय टीवी चैनलों ने भी उनकी मौत की पुष्टि की। अन्य हमलों में 11 नागरिकों की भी जान गई।

इस्राइली सेना का बयान
इस्राइली सेना ने खान यूनिस में हमले की जानकारी न होने का दावा किया और कहा कि वह अन्य घटनाओं की जांच कर रही है। सेना ने यह भी कहा कि जब लोग सैनिकों के पास आते हैं या खतरा पैदा करते हैं, तो उन्हें चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाने की आवश्यकता पड़ती है।

भूख और अकाल का संकट
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में पांच लाख लोग गहन भूख से जूझ रहे हैं। बच्चों में कुपोषण बढ़ रहा है, जिससे अब तक 281 मौतें हुई हैं। इस्राइल का कहना है कि उसने पर्याप्त मदद पहुंचाई है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और राहत संगठन इसे पर्याप्त नहीं मानते।

सैन्य अभियान की चेतावनी
इस्राइल के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी है कि गाजा के हालात जल्द ही नए सैन्य अभियान के दौरान और भयावह हो सकते हैं। वहीं, सहायता समूह लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि प्रतिबंधित क्षेत्र में खाद्य और चिकित्सा आपूर्ति की कमी गंभीर मानव संकट पैदा कर रही है।

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