राज्यपाल ने किया पूर्व सैनिकों के लिए निःशुल्क डेंटल कैंप का शुभारंभ

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देहरादून में तीन दिवसीय डेंटल कैंप का आयोजन, पूर्व सैनिकों और परिजनों को मिलेगा निःशुल्क उपचार

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने मिलिट्री डेंटल सेंटर, देहरादून में पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के लिए आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क डेंटल कैंप का शुभारंभ किया। यह शिविर 19 से 21 अगस्त तक मुख्यालय उत्तराखण्ड सब एरिया के तत्वावधान में आयोजित हो रहा है।

इस कैंप का उद्देश्य पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और आवश्यक दंत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखण्ड सब एरिया और मिलिट्री डेंटल सेंटर के संयुक्त प्रयास से किया गया, जिसमें स्टेशन यूनिट्स, ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक देहरादून व क्लेमेंट टाउन के डेंटल अफसरों एवं पैरा-डेंटल स्टाफ ने सक्रिय सहयोग दिया।

कैंप शुभारंभ के अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह डेंटल कैंप हमारे वीर पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारा दायित्व है।

राज्यपाल ने कहा कि आज का यह शिविर दंत स्वास्थ्य को समर्पित है। अक्सर हम दांतों और मुँह की स्वच्छता को छोटा विषय मानकर अनदेखा कर देते हैं, परंतु सच्चाई यह है कि ‘‘ओरल हेल्थ ही ओवरऑल हेल्थ’’ की कुंजी है। मुँह को शरीर का द्वार कहा गया है। यदि यह द्वार अस्वस्थ हो, तो पूरा शरीर बीमारियों का शिकार हो सकता है। उन्होंने पूर्व सैनिकों को इस शिविर का अधिकाधिक लाभ लेने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जीओसी सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल ने कहा कि यह कैंप पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति आभार और सेवा का प्रतीक है, जो उनके साथ हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। डॉ. हिमांशु ऐरन ने दंत स्वास्थ्य से संबंधित पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारियां उपस्थित लोगों को दी।

इस दौरान कमांडेंट मिलिट्री हॉस्पिटल ब्रिगेडियर परीक्षित सिंह, स्टेशन कमांडर देहरादून ब्रिगेडियर आर एस थापा, ब्रिगेडियर प्रभाकरन, डिप्टी जीओसी, गोल्डन की डिवीजन क्लेमेंट टाउन, अध्यक्ष यूकेईएसएल, मेजर जनरल (से नि) एम.एल. असवाल, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल(से नि) सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

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