क्या आप भी हैं पेट की चर्बी से परेशान, तो घर पर इन दो योगासनों का करें अभ्यास, मिलेगा फायदा

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लटकी हुई तोंद और चर्बी किसी को पसंद नहीं होती। इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं। चर्बी घटाने के लिए लोग जिम जाते हैं और जमकर पसीना बहाते हैं। हालांकि अगर तोंद या चर्बी को कम करने के लिए आपके पास जिम जाने का समय नहीं है तो दो सरल योगासन आपकी शरीर के फैट को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। रोजाना केवल 15-20 मिनट का अभ्यास आपको फिट और घटी हुई तोंद की ओर ले जा सकता है।

योग सिर्फ वजन घटाने का तरीका नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है। इन दो आसनों को अगर नियमित रूप से सही तरीके से किया जाए तो कुछ ही हफ्तों में आप खुद फर्क महसूस करेंगे। योगासन से न सिर्फ लटकती तोंद पर असर पड़ता है, बल्कि पूरा शरीर हल्कापन और ऊर्जा भी महसूस करता है।

नौकासन कैसे करें

इस आसन में शरीर की मुद्रा किसी नाव की तरह होती है। अभ्यास के लिए पीठ के बल सीधा लेट जाएं। अब दोनों पैर और छाती को एक साथ ऊपर उठाएं। हाथों को आगे की ओर फैलाएं, जैसे नाव बना रहे हों। इस मुद्रा में 15-30 सेकंड तक रहें, फिर धीरे से वापस आएं।

नौकासन के फायदे

यह आसन पेट की मांसपेशियों, पीठ और पैरों को मजबूत करता है।
नौकासन के नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन और लचीलापन बेहतर बनता है।
इस आसन का अभ्यास पाचन अंगों को उत्तेजित करता है, जिससे चयापच और पाचन में सुधार होता है।
नौकासन का नियमित पांच से 10 मिनट का अभ्यास पेट की चर्बी को कम कर सकता है और वजन घटाने में मदद करता है।
यह आसन पैरो और बांह की मांसपेशियों को टोन करता है जिससे शरीर का निचला हिस्सा मजबूत होता है।
नौकासन दिमाग को शांत करता है और तनाव दूर करने में मदद करता है।

भुजंगासन कैसे करें

भुजंगासन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेट जाएं। इस दौरान हथेलियों को कंधों के नीचे रखें और सांस लेते हुए सिर और छाती को ऊपर उठाएं। ध्यान रखें कोहनी थोड़ी मुड़ी रहें और गर्दन को पीछे की ओर खींचें। 15-30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें, फिर आराम करें।

भुजंगासन के फायदे

भुजंगासन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करता है, जिससे पीठ दर्द में राहत मिलती है।
यह आसन पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है और पाचन क्रिया में सुधार लाता है। इससे पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है।
भुजंगासन का अभ्यास पेट के अंगों को उत्तेजित करता है, जिससे अपच, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है।
इस आसन के नियमित अभ्यास से तनाव और थकान को कम किया जा सकता है और शरीर को ऊर्जावान बना सकते हैं।

(साभार)

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