अंकिता भंडारी हत्याकांड- आज फैसला सुनाएगी अदालत

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उत्तराखंड के संवेदनशील फैसले को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क

कोटद्वार। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में आज कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे) का बहुप्रतीक्षित फैसला आने वाला है। करीब दो साल आठ महीने तक चले इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने 47 गवाह पेश किए। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य — जो वनंत्रा रिजॉर्ट का स्वामी है — और उसके दो साथी सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता पर हत्या, सबूत मिटाने, छेड़छाड़ और अनैतिक देह व्यापार से संबंधित विभिन्न धाराओं में आरोप तय किए गए हैं।

अंकिता भंडारी, जो गंगा भोगपुर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं, 18 सितंबर 2022 को रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई थीं। एक हफ्ते की खोजबीन के बाद 24 सितंबर को उनका शव चीला शक्ति नहर से बरामद हुआ। पोस्टमॉर्टम में मृत्यु का कारण डूबना बताया गया, लेकिन शरीर पर मिले जख्मों ने कई सवाल खड़े किए। जांच की ज़िम्मेदारी संभालने वाली एसआईटी ने 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 97 गवाहों के बयान शामिल थे।

आरोपों और अफवाहों की परतें
मामले में यह आरोप है कि अंकिता पर रिजॉर्ट में “विशेष सेवा” देने का दबाव डाला गया था, और इंकार करने पर उसकी हत्या कर दी गई। साथ ही, एक रहस्यमयी ‘वीआईपी’ की भूमिका की चर्चाएं भी लंबे समय तक चर्चा में रहीं, हालांकि चार्जशीट में इसकी पुष्टि नहीं की गई।

परिवार और समाज की अपेक्षाएं
अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने एक भावुक बयान में कहा कि वह अपनी बेटी के दोषियों को फांसी की सज़ा मिलते देखना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिशें हुईं और जांच को प्रभावित किया गया। इस मामले ने राज्यव्यापी आक्रोश को जन्म दिया, जहां आम जनता सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग करती रही।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
फैसले से पहले कोटद्वार में सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए गए हैं। कोर्ट परिसर के आसपास का इलाका सील कर दिया गया है, और अन्य जिलों से भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कोतवाल रमेश तनवार ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं मिलेगा।

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