विकास भवन में तीन दिवसीय प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

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एटीआई नैनीताल के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में सूचना का अधिकार, लैंगिक उत्पीड़न निवारण, वेतन संबंधी प्रावधानों और आपदा प्रबंधन पर दिया जाएगा प्रशिक्षण

पौड़ी- जनपद मुख्यालय स्थित विकास भवन सभागार में मंगलवार को डॉ. रघुनंदन सिंह टोलिया प्रशासनिक अकादमी (एटीआई), नैनीताल के सहयोग से तीन दिवसीय प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने किया। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभिन्न प्रशासनिक नियमों, प्रक्रियाओं और कार्यदायित्वों की व्यावहारिक जानकारी देकर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाना तथा शासकीय कार्यों के प्रभावी निष्पादन को सुनिश्चित करना है।

मुख्य विकास अधिकारी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्मिकों को नियमों और प्रक्रियाओं की बेहतर समझ विकसित करने के साथ कार्यक्षेत्र में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समाधान तलाशने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सक्रिय सहभागिता, खुली परिचर्चा और अनुभवों के आदान-प्रदान पर जोर देते हुए कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी का उपयोग दैनिक शासकीय कार्यों में किया जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि 13 अक्टूबर को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 और लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 14 अक्टूबर को पदोन्नति, चयन वेतनमान, वेतन निर्धारण, प्रोन्नत वेतनमान, समयमान वेतनमान, एसीपी एवं एमएसीपी तथा 15 अक्टूबर को आपदा प्रबंधन और इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) पर क्षमता विकास प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न विषयों पर दिया जाने वाला यह प्रशिक्षण अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का बेहतर निर्वहन करने में सहायक होगा।

कार्यशाला के प्रथम दिन सूचना का अधिकार अधिनियम पर चर्चा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुशासन के महत्वपूर्ण आधार हैं। इन्हें सुनिश्चित करने में लोक सूचना अधिकारियों की अहम भूमिका है। उन्होंने संबंधित अभिलेखों एवं तथ्यों का उचित सत्यापन करने, अभिलेखों को व्यवस्थित एवं सुरक्षित रखने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर सूचनाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।

एटीआई नैनीताल के अपर कार्यक्रम निदेशक अनूप बमोला ने कार्यशाला की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि अकादमी का प्रयास प्रशिक्षण को प्रत्येक जनपद तक पहुंचाकर जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके कार्यदायित्वों से संबंधित विषयों की जानकारी उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण को संवादात्मक एवं व्यावहारिक स्वरूप दिया गया है, ताकि प्रतिभागी अपनी समस्याओं और अनुभवों को साझा कर सकें।

प्रशिक्षण सत्र में बीजीआर परिसर, पौड़ी के विधि विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश रावत ने सुशासन, उत्तरदायित्व, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005, पारदर्शिता और अपीलीय प्राधिकरणों से संबंधित विषयों पर जानकारी दी। वहीं अधिवक्ता रंजना डे ने भी प्रशिक्षण में प्रशिक्षण दिया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में परियोजना प्रबंधक स्वजल दीपक रावत ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर परियोजना निदेशक विवेक उपाध्याय, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, परियोजना प्रबंधक उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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