एशियाई खेलों के लिए एथलेटिक्स चयन नीति घोषित, 100 मीटर और पोल वॉल्ट में रिकॉर्ड प्रदर्शन जरूरी

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नई दिल्ली- भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने जापान में 19 सितंबर से 4 अक्तूबर तक आयोजित होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए खिलाड़ियों के चयन से जुड़े मानदंड जारी कर दिए हैं। इस बार चयन प्रक्रिया को पहले से अधिक सख्त बनाया गया है, खासतौर पर पुरुषों की 100 मीटर स्प्रिंट और पोल वॉल्ट स्पर्धा में।

एएफआई चयन समिति के अध्यक्ष आदिल सुमारीवाला के अनुसार, इन दोनों स्पर्धाओं में एशियाड टीम में जगह बनाने के लिए खिलाड़ियों को राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ना अनिवार्य होगा। महासंघ का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि मिश्रित 4×100 मीटर रिले और मैराथन वॉक जैसे नए शामिल किए गए इवेंट्स के लिए क्वालिफाइंग मानक फिलहाल तय नहीं किए गए हैं। इन स्पर्धाओं के मानदंड एशियाई रिले चैंपियनशिप और वर्ल्ड रिले प्रतियोगिता के बाद घोषित किए जाएंगे।

नई चयन नीति के तहत एथलीटों को राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में भाग लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, चयन के लिए कम से कम तीन प्रतियोगिताओं—दो अंतर-राज्य प्रतियोगिताएं और एक राष्ट्रीय ओपन प्रतियोगिता—में हिस्सा लेना जरूरी होगा। खिलाड़ियों को शुरुआती दो स्पर्धाओं में मानक के करीब प्रदर्शन करना होगा, जबकि अंतिम प्रतियोगिता में निर्धारित मानक हासिल करना अनिवार्य रहेगा।

भाला फेंक के ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा को लेकर भी महासंघ ने स्थिति स्पष्ट की है। चयन समिति ने बताया कि नीरज और उनके कोच जैन जेलेज्नी 2026 के लिए प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम तैयार कर चुके हैं। चोट से उबर रहे नीरज ने हालिया विश्व चैंपियनशिप में चोट के बावजूद हिस्सा लिया था।

एएफआई ने यह भी स्पष्ट किया कि एशियाई खेलों की तैयारी के लिए तीन घरेलू टूर्नामेंटों में भाग लेना सभी खिलाड़ियों के लिए अनिवार्य है, हालांकि विशेष परिस्थितियों में छूट दी जा सकती है। नीरज चोपड़ा को पहले भी डायमंड लीग जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के कारण ऐसी छूट मिल चुकी है। अंतिम फैसला चयन समिति के विवेक पर निर्भर करेगा।

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